
वंदे भारत लाइव टीवी न्यूज रिपोर्ट
संवाद ललितपुर एलयूसीसी नाम से चिटफंड कंपनी बनाकर करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी करने वाले दो फरार आरोपियों पर पुलिस ने इनाम घोषित किया है। पुलिस उपमहानिरीक्षक (डीआईजी) केशव कुमार चौधरी ने मुख्य आरोपी पंकज अग्रवाल पर 50 हजार रुपये और पुलिस अधीक्षक (एसपी) मोहम्मद मुश्ताक ने आरोपी रिजवान पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है।
पुलिस के मुताबिक, चिटफंड कंपनी एलयूसीसी के नाम से आमलोगों को कम समय में अधिक मुनाफा देने का लालच देकर करोड़ों रुपये की ठगी की गई। इस घोटाले में अब तक विभिन्न थानों में डेढ़ दर्जन से अधिक मुकदमे दर्ज हो चुके हैं।
40 से अधिक आरोपियों की गिरफ्तारी, मुख्य संचालक दुबई में
एसपी मोहम्मद मुश्ताक ने इस घोटाले की जांच और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष जांच टीम (एसआईटी) का गठन किया था। अब तक 40 से अधिक आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है, जबकि कंपनी का मुख्य संचालक समीर अग्रवाल दुबई में फरार है। उसकी गिरफ्तारी के लिए पहले ही 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया जा चुका है।
पंकज अग्रवाल और रिजवान की तलाश तेज
जांच के दौरान पंकज अग्रवाल का नाम प्रकाश में आया, जो इंदौर, मध्य प्रदेश के एम-300 खाती वाला टैंक, म्यूनिसिपल वाटर टैंक के पास का निवासी है। पंकज की गिरफ्तारी के लिए पहले 25 हजार रुपये का इनाम घोषित था, लेकिन फरार रहने पर अब इसे बढ़ाकर 50 हजार रुपये कर दिया गया है।
वहीं, रिजवान ललितेशवरी मंदिर के पास मोहल्ला नदी पार का रहने वाला है। उस पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है।
कोतवाली सदर में दर्ज हुए थे मुकदमे
कम समय में अधिक मुनाफा देने का झांसा देकर रुपये हड़पने का पहला मुकदमा जुलाई 2024 में कोतवाली सदर में दर्ज किया गया था। इसके बाद मार्च 2025 में रेखा बरार की तहरीर पर एक और मुकदमा दर्ज हुआ, जिसमें रिजवान आरोपी था।
एसपी मोहम्मद मुश्ताक ने कहा कि फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें सक्रिय रूप से दबिश दे रही हैं।
(वंदे भारत लाइव टीवी न्यूज)








